गुरुवार, 19 जनवरी 2012

अमीर -गरीब की खाई को नेताजी देगें पाट

अमीर -गरीब की खाई को नेताजी देगें पाट

देश की जमापूंजी को  वे कर देगें बंदरबांट 

जनता के कल्याण के  लिए कर रहे हैं जातपात

मुस्लिम वर्ग के कल्याण के लिए

 सेकुलरवाद का कर रहे हैं हरदम जाप

उनकी दशा को देखकर बहा रहे हैं आंसू आठ

बटलाहाउस एनकाउंटर को वे कर रहे हैं  हरदम याद

रंग बदलने में तो  वे दे रहे हैं गिरगिट को भी मात

4 टिप्‍पणियां:

  1. सार्थक व सटीक अभिव्‍यक्ति ।

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  2. गिरगिट को भी मात beharin tamacha sir ji ....

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  3. आपको यह बताते हुए हर्ष हो रहा है के आपकी इस विशेष प्रस्तुति को आदर प्रदान करने हेतु हमने इसे आज के ( १९ अप्रैल, २०१३, शुक्रवार ) ब्लॉग बुलेटिन - रसीले रंगीले हास्य से भरे काइकू पर स्थान दिया है | हार्दिक बधाई |

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