सोमवार, 2 जनवरी 2012

लोक कल्याणकारी सरकार है



लोक कल्याणकारी सरकार है
थोक के भाव  उदार है
मंत्रीजी के रिष्तेदारों के लिए
बेरोजगारी की नहीं मार है
अवसर की भरमार है।
 आरक्षण षब्द बेकार है।
 खुला हर दरबार है।
बाकि लोगों में टैलेंट की दरकार है।
अंग्रेजी नहीं धाराप्रवाह है
पर्सनैल्टी एकदम बेकार है।
बंदा ठोकर खाने को लाचार है।
कोई न पूछनहार है।

3 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत सुंदर,करारी खरी प्रस्तुति,


    नया साल २०१२ आपके जीवन को प्रेम एवं विश्वास से महकाता रहे,

    नई रचना --"नये साल की खुशी मनाएं"--

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  2. प्रस्तुति अच्छी लगी । मेरे नए पोस्ट " जाके परदेशवा में भुलाई गईल राजा जी" पर आपके प्रतिक्रियाओं की आतुरता से प्रतीक्षा रहेगी । नव-वर्ष की मंगलमय एवं अशेष शुभकामनाओं के साथ ।

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