गुरुवार, 13 अक्तूबर 2011

सरकार के झुकने का मतलब उसकी कमजोरी नहीं

सरकार की मंषा पर षक मत कीजिए-सिर्फ अन्ना की गिरफतारी और रामदेवजी पर पुलिसिया कारवाई को याद कीजिए/ क्योंकि हम इसकी इजाजत नहीं दे सकते।

प्रधानमंत्री अन्ना टीम के साथ नरमी से पेष आ रहे थेः - वरना गिरफतारी की जगह लाठी डंडा भी बरस सकता था।
सरकार के झुकने का मतलब उसकी कमजोरी नहीं/ संदेह हो तो रामलीला मैदान वाले दृष्य को याद कर लो / बल्कि रामदेवजी के साथ वार्ता की तरह एक रणनीति है।

गेम्स विलेज के ट्रैक पर दौड़ेगी दिल्ली- मतलब टेक्नोलजी बहुत डेवलप हो चुकी है।

एसएसपी ने एसओ को फोन पर कह दिया चुडि़यां पहन लो- बदमाष कुछ नहीं बिगाड़ पाएंगे।

किसानों के अल्टीमेटम के बावजूद बिल्डरों की साइटों पर हुआ कंस्ट्क्षन- जय जवान जय किसान।

बदमाषों के सामने तमाषबीनों को नहीं हुई आगे जाने की हिम्मत- मैं अन्ना हूं।

विधानसभा में गालीगलौज, हंगामा -लोकतंत्र की गरिमा के लिए जरूरी था।

8 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत खूब ||
    बधाई ||

    http://dcgpthravikar.blogspot.com/2011/10/blog-post_13.html

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  2. बहुत बढ़िया व्यंग| धन्यवाद|

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  3. वाह! क्या बात है! ज़बरदस्त व्यंग्य ! शानदार प्रस्तुती!
    मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है-
    http://ek-jhalak-urmi-ki-kavitayen.blogspot.com/
    http://seawave-babli.blogspot.com

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  4. priya bandhu,

    namaskar....pahli baar blog par aya...padhkar bahut acha laga......

    parantu maafi chahunga ki raajneeti par likhna baat karna kuchh bhi samay ki barbaadi se jyada kuchh nahi hai.......

    aapka hasya achha hai.......

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  5. श की जगह ष टाइप हो गया है।
    कृपया वर्ड वेरीफिकेशन हटा दें।

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