बुधवार, 12 अक्तूबर 2011

चुनावी सीजन में विशेष ऑफर

अगर आपके पास टीवी नहीं है और आप टीवी खरीदने का इरादा रखते हैं तो फिलहाल आप अपना इरादा टाल दीजिए। कारण कि हो सकता है कि टीवी आपको मुफ्त मिल जाए। जी हां उत्तर प्रदेष चुनाव में विभिन्न राजनीतिक दल बम्पर सेल लेकर आ रहे हैं । जहां आपको किसी भी उत्पाद पर षत प्रतिषत तक की छूट मिल सकती है। यानी टीवी, फ्रीज, लैपटॉप आदि बिल्कुल फ्री। तमिलनाडु में बम्पर सेल के मिले लाभ को देखते हुए। राजनीतिक दल विषेड्ढ उत्साहित हैं। पांच साल से जमे स्टॉक को इस चुनाव में निकाल देना चाहते है। विभिन्न कम्पनियां यानी विभिन्न दल इस चुनाव में लाभ कमाने के लिए किसी स्तर पर जाने को तैयार हैं। इससे लाभ मतदाता को मिलना तय है। लेकिन लाभ किस स्तर तक मिलेगा अभी यह कहना जल्दीबाजी होगी। हो सकता है यह लालीपॉप तक ही रहें। लेकिन आप अभी से आसमान की ओर मुंह बाये खड़े रहें कभी भी कुछ भी टपक सकता है। चाहे जो भी हो सेल के निर्धारण में विभिन्न दल अभी से हीं लग गये हैं। विभिन्न दलों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा भी देखने को मिल सकती है। दूसरे दलों को मात देने के लिए एक से बढ़कर एक ऑफर दिए जाने की संभावना है। छूट देने में दूसरे दल से पीछे हो जाने के भय से राजनीति दलों के बीच कड़ी प्रतिस्र्पधा है। विष्लेड्ढकों के राय में इस बार काफी कड़ा मुकाबला होगा। बाजार विषेड्ढज्ञों ने तमिलनाडु के अनुभवों को देखते हुए दषहरा एवं दीपावली में लोगों को संभलकर खरीदारी करने को कहा है। एक प्रमुख पार्टी के सीनियर नेता से जब हमने जानना चाहा कि आने वाले चुनाव में आपकी पार्टी की क्या मुख्य रणनीति होगी तो उन्होंने कहा कि थोक के भाव में सपने बेचना । उसके लिए विषेड्ढ पैकेजिंग की जाएगी यानी सपनों के महत्व को बताती आर्कड्ढक पंच लाइनें। इसके लिए हम मार्केटिंग के पूरे सिद्वान्त को अपनाया जाएगा। लोगों के लिए सपने का सबसे बड़ा महत्व है। और मेरी पार्टी इसे खुब समझती है। उनका तर्क था कि जनता परिश्रम तो खुब करती है। लेकिन छोटे सपने के चलते पिछुड़ जाती है। इसके विपरीत नेता एवं अधिकारी कम काम करते हैं लेकिन बड़े सपने देखते हैं। यहीं कारण है उनके तो कोठी और बंगले खड़े हो जाते हैं। उनका कहना है उत्तर प्रदेष चुनाव में मेरी पार्टी का स्लोगन होगा बड़ा बनने के लिए बड़े सपने देखो। और उसे पूरा करने के लिए घर द्वार तक बेंचो। जब मैने एक दूसरे दल के बड़े नेता से सपनों के बारे पूछा तो उनका कहना था कि देखिए जिस प्रकार कोई दल आज आरक्षण के जाप को नहीं छोड़ सकता उसी प्रकार राजनीतिक दल सपने बेंचना भी नहीं छोड़ सकते। चुनावी घोड्ढणा पत्र में हम तारे तोड़कर लाने का वादा करत हैं और जनता उसपर विष्वास कर लेती है। यानी जनता भी कहीं न कहीं सपने के महत्व को जानती है। उनका कहना था कि आगामी उत्तर प्रदेष चुनाव में जो पार्टी सपना बेचने में जितना सफल होगी। उसकी सफलता की दर भी उतना हीं अधिक होगी। इसलिए हमलोग आक्रामक मार्केटिंग के लिए प्रफेषनलों की भी मदद ले रहे हैं। जब मैंने तीसरे दल के बड़े नेता से पूछा कि क्या आपभी सपने बेंचने में यकीन रखते हैं । तो उन्होंने मुझसे हीं प्रष्न कर डाला क्यों आपको कोई आपत्ति है क्या। क्या आप चाहते हैं कि जनता को सपने देखने को भी न मिले। निष्कड्र्ढ यह है कि आगामी यूपी चुनाव में सभी पार्टियां लोगों को बड़ा सपने दिखाएगी और अपना बेड़ा पार लगाएगी।

5 टिप्‍पणियां:

  1. सूची में से अपने मतलब का कुछ ना कुछ तो मिल ही जायेगा

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  2. समय चाहिए आज आप से |
    पाई फुर्सत बाढ़ - ताप से |
    परिचय पढ़िए, प्रस्तुति प्रतिपल-
    शुक्रवार के इस प्रभात से ||
    समालोचना टिप्पण करिए-
    अपने दिल की प्रेम-माप से |
    चर्चा-मंच की शोभा बढती-
    भाई-भगिनी चरण-चाप से ||
    शुक्रवार --चर्चा-मंच
    http://charchamanch.blogspot.com/

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  3. हास्य के बहाने
    कुछ तो हासिल होने ही वाला है इस बार ...

    मननीय !

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  4. कृपया वर्ड वेरिफिकेशन हटा लें ...टिप्पणीकर्ता को सरलता होगी ...
    वर्ड वेरिफिकेशन हटाने के लिए
    डैशबोर्ड > सेटिंग्स > कमेंट्स > वर्ड वेरिफिकेशन को नो NO करें ..सेव करें ..बस हो गया .

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