रविवार, 9 अक्तूबर 2011

रामदेव के गले में पत्थर बांध कर डुबा दो

रामदेव के गले में पत्थर बांध कर डुबा दोः दिग्विजय- मतलब रामदेवजी सही कहते थे कि सरकार मुझे रामलीला मैदान में मारना चाहती थी। रेसिंग हमारे देष का दूसरा सबसे लोकप्रिय खेल बन जायेगा- अगर पैरेंटस अपने लाड़लों को स्पीड़ बाइक से उड़ने की इजाजत देते रहे। मध्यावधि चुनाव के लिए रहें तैयार: आडवाणी- हां मैं और इंतजार नहीं कर सकता। रावण अंकल की जगह अब रावण भैया- क्योंकि रावण सबके अंदर अभी जवान है। ससुराल नहीं जाऊंगा जेल चला जाऊंगा- क्योंकि बीवी से आंख नहीं मिला पाता हूं। हो कहीं भी आग लेकिन आग जलनी चाहिए- चाहे किसी का घर हीं क्यों न जल जाए। खिलाडि़यों को चाहिए पैसा, इज्जत और ऑफिसरों से सुरक्षा- हां ऑफिसर अक्सर उनपर फिक्सिंग का आरोप लगाकर तंग करते हैं। यहीं है अपना स्वर्णीम हिंदुस्तान - जहां घोटालेबाज हैं महान। मैट्कि फेल हैं पांडिचेरी के षिक्षामंत्री- इटस हैपेन ओनली इन इंडिया। घूस ना दें उद्योगपति: ममता - हां आमजनों की बात कुछ और है। अब सोनिया के दामाद का राज खोलूंगाः स्वामी- क्यों माया-मोह में पड़ रहे हो! बीस साल बाद ममता गईं सिनेमा घर- उद्घाटन करने। दूसरे दौर में पहुंचे मनोज कुमार- मतलब की पहले दौर में समय पर नहीं पहुंचे थे। दोस्ती बढ़ायेगी भाजपा- ताकि दोस्त से ज्यादा दुश्मन न हो जाएं।

5 टिप्‍पणियां:

  1. खूबसूरत प्रस्तुति ||
    बधाई ||

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  2. ख़बरों की कट पीस पर बढ़िया व्यंग .....
    हार्दिक शुभकामनायें ...

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  3. सुन्दर प्रस्तुति..शुभकामनाएं !
    (word verification हटा दें तो कमेंट्स देने में सुविधा रहेगी)

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