शनिवार, 5 मई 2012

जय हो निर्मल बाबा की

तंत्र चले ना  मंत्र 
ना  रहे दुखों का घेरा 
भाग्य उदय  हो जायेगा 
बस नोटों का बंडल तू देता ज़ा  चेला 


4 टिप्‍पणियां:

  1. भजिया, आम की चटनी,के साथ अपने ५ दोस्तों को खिलाओ,निर्मल बाबा की कृपा हो जायेगी,...जय हो निर्मल बाबा की,.....

    बहुत सुंदर सार्थक अभिव्यक्ति //

    MY RECENT POST .....फुहार....: प्रिया तुम चली आना.....

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  2. जय हो जय हो.
    क्या बात कही है.
    बच्चा तेरा कल्याण हो.

    समय मिलने पर मेरे ब्लॉग पर आईएगा,तिवारी जी.

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