शुक्रवार, 9 दिसंबर 2011

कौन अन्ना को कितना प्यार करता है?

बात पुरानी है लेकिन रोचक कहानी है। जीं हां मैं बात कर रहा हूं अपने दिग्गी राजा के बारे में जो अपने नित नये बयानों से विकिलिक्स को भी पछाड़े रहते हैं। आइए अब हम विड्ढय पर आते हैं।
दिग्गविजय सिंह जी केे कुछ दिन पूर्व दिए बयान से मैं पूरी तरह से सहमत हूं कि ,वे अन्ना से दिलोजान से प्यार करते हैं। उनके इस कथन पर कोई विष्वास करे या ना करे, मैं षत प्रतिषत करता हूं। मेरा तो यहां तक कहना है कि वे अन्ना से सबसे अधिक प्यार करते हंै। अन्ना स्वयं कह चुके हैं कि दिग्गी राजा उनका पांव छूते थे। यानी सिंह साहब उनका पहले से सम्मान करते रहे हैं। उनका प्यार कोई नया नहीं है। इसके अलावे वे समय-समय पर उनको प्रेम पत्र भी लिखा करते हैं। दिनभर उनकी हीं बारे में बाते किया करते हैं।
अभी यह अस्पष्ट नहीं हो पाया है कि कांगे्रस ने उनको उत्तर प्रदेष का प्रभार दिया है कि अन्ना का प्रभार दिया है। कारण कि अक्सर प्रेस से उनकी हीं बाते किया करते हैं। यह भी स्पष्ट नहीं है कि वे अन्ना को ज्यादा प्यार करते हैं कि रामदेवजी को ज्यादा, क्योंकि रामदेवजी के आंदोलन के दौरान  वे केवल रामदेव की बातें किया करते थे। 
 अन्ना से प्यार करने वाले में दूसरा नम्बर कपिलजी का आता है। जिनका प्यार अन्ना के प्रति षाष्वत है , पवित्र है ,क्योंकि वह अन्ना, रामदेव, एवं स्वामी अग्निवेष तीनों पर समान रूप से बरसता है।  सच्चा प्रेम भेद नहीं जानता। उसे सीमा में नहीं बांधा जा सकता। उसे दोस्त और दुष्मन की पहचान नहीं होती। अन्ना को प्यार करने वालों में तीसरा नम्बर मनीष तिवारी का आता है। जो उनके प्यार में इतना भाव-बिभोर हो जाते हैं कि उनको भ्रष्टाचार में आंकठ डूबे हुए बताकर स्तुती करते हैं। तब अति भावुक देखकर कांग्रेस याद दिलाती है कि टू मच हो गयाजी। बस करो अब हजम नहीं होगा। तब जाकर वे सार्वजनिक रूप से खेद जताते हैं और कहते हैं अन्ना एवं उनके समर्थक उन्हें बालक समझकर मांफ कर दें।

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